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NEET-UG 2026 री-एग्जाम 21 जून को, पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA का बड़ा फैसला

Kavita2
15 May 2026 10:53 AM IST
NEET-UG 2026 री-एग्जाम 21 जून को, पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA का बड़ा फैसला
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Delhi दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शुक्रवार को घोषणा की है कि NEET-UG 2026 का री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। यह निर्णय प्रश्न पत्र लीक होने और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बाद लिया गया है, जिसके चलते पहले हुई परीक्षा को रद्द कर दिया गया था।

NTA ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह फैसला केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद लिया गया है। एजेंसी ने सभी अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे परीक्षा से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक संचार माध्यमों पर ही भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें।

जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेजों में अंडरग्रेजुएट कोर्स में प्रवेश के लिए 3 मई को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र लीक और अन्य गड़बड़ियों के आरोप सामने आए थे। इन आरोपों के बाद परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया था, जिससे लाखों छात्रों पर असर पड़ा।

अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि री-एग्जाम रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित किया जाएगा। यह परीक्षा फिर से पूरी पारदर्शिता और सख्त निगरानी व्यवस्था के तहत कराई जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को रोका जा सके।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने इसकी जांच का जिम्मा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया है। सीबीआई अब इस बात की जांच कर रही है कि पेपर लीक कैसे हुआ और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।

NTA ने अपने बयान में यह भी कहा है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा से जुड़ी सभी अपडेट केवल आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन के माध्यम से ही मिलेंगी। एजेंसी ने छात्रों से किसी भी अनधिकृत स्रोत या सोशल मीडिया अफवाहों पर भरोसा न करने की सलाह दी है।

इस निर्णय के बाद छात्रों और अभिभावकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ छात्र लगातार परीक्षाओं के चलते मानसिक दबाव की बात कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं, इसलिए भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

फिलहाल, सभी की नजर 21 जून को होने वाले री-एग्जाम पर टिकी हुई है, जिसे परीक्षा प्रणाली की साख बहाल करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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